jump to navigation

सिटी भास्कर की एग्जाम काउंसिलिंग —अब टेंशन हो गई फुर्र… February 19, 2010

Posted by aglakadam in career guidance and counselling.
Tags: , ,
trackback

सिटी भास्कर की एग्जाम काउंसिलिंग के बाद बोले स्टुडेंट
अब टेंशन हो गई फुर्र…
सिटी भास्कर की और से गुरुवार को आयोजित एग्जाम काउंसिलिंग में दर्जनों स्टुडेंट शामिल हुए | काउंसिलिंग के बाद स्टुडेंट्स ने कहा, काउंसलर और सब्जेक्ट एक्सपर्ट से मिले टिप्स परीक्षा की तैयारियों में मददगार साबित होंगे | अब हम टेंशन फ्री होकर पढ़ाई पर ध्यान केन्द्रित कर सकेंगे | काउंसिलिंग में कुछ पैरेंट्स भी शामिल हुए |
सिटी रिपोर्ट
काउंसिलिंग में विशेषज्ञों ने बोर्ड परीक्षा में शामिल होने जा रहे स्टुडेंट्स को बताया कि परीक्षा के तनाव को कम करें और सकारात्मक सोच अपनाएं | परीक्षा को अब कम ही समय रह गया है | ऐसे में किसी नए चैप्टर कि शुरुआत करने कि बजाय, जो पढ़ें है उसे ही अच्छे से पढ़ें | पढ़ाई के साथ ही खान – पान का भी बराबर ध्यान दें | काउंसलर्स ने कहा, लाख समझाने पर भी स्टुडेंट्स के मन में परीक्षा को लेकर तनाव तो रहता ही हैं | इस स्थिति में दिमाग को ज्यादा ऑक्सिजन कि जरुरत होती है, जो उचित खानपान से ही संभव है | चिंता करें, लेकिन इतनी नहीं कि सब कुछ भूल जाएँ | पढ़ाई को यदि बोझ समझेंगे, तो कभी सार्थक फल नहीं मिलेगा | उन्होंने कहा, यह मत सोचो कि पास होना है, यह सोचो कि छत्तीसगढ़ में टॉप करना है , इसलिए जब भी पढ़ो पूरे मन से पढ़ो |

आल इस वेल :- परीक्षा होंल में स्माईल के साथ प्रवेश करें, ऐसा करने से मस्तिष्क में ब्लड सरकुलेशन तेज हो जाता हैं | दिमाग और मन दोनों ही आपके नियंत्रण में रहते हैं और वह दोगुनी तेजी से काम करेंगे | जब हम खुश होतें हैं तो सब कुछ अच्छा लगता है | इसी तरह परीक्षा को भी ख़ुशी – ख़ुशी लें | यह समझे कि सालभर जो कुछ सिखा है उसे दिखाने का समय आ गया है अगर फिर भी मन न माने तो तो दिल पर हाथ रखे और बोले आल इज वेल |

अपना आकलन स्वयं करें

कैरियर काउंसलर वर्षा वरवंडकर ने बड़ी ही सरलता से काउंसिलिंग में शामिल सभी स्टुडेंट्स के प्रश्नों का जवाब दिया | उन्होंने बताया की परीक्षा के वक़्त तनाव होना जरूरी भी है, लेकिन इतना नहीं की पढ़ा हुआ याद ही न हो पाए| हर स्टुडेंट्स का अपना बॉडी क्लोक होता है | किसी को रात में पढ़ना अच्छा लगता है, तो किसी को सुबह | आप भी अपना बॉडी क्लोक समझे और उसके अनुसार काम करें | यह सोचकर कभी नहीं पढ़े कि आपका दोस्त ज्यादा देर तक पढ़ता है, आप तो बस यह सोचे की आप कब तक पढ़ सकतें हैं ? 45 से 50 मिनट लगातार पढ़ने के बाद 5 से 10 मिनट का ब्रेक जरूर लें | याद रखें की मनोरंजन का समय खाने में नमक की तरह होनी चाहिए, न तो बहुत ज्यादा न बहुत कम | शारीर के लिए 6 घंटे की नींद बहुत जरूरी है | इसलिए शरीर को प्रोपर रेस्ट भी दें | उन्होंने बेस्ट का संधिविच्छेद करते हुए बताया की बी – हेल्दी बॉडी, ई – इंटरटेनमेंट, एस – एफ्फेक्टिव स्टडी और टी – टॉक टु राईट पर्सन, ऐसा करने से स्ट्रेस कम होगा |
Report by :Hemant Sahu ,www.aglakadam.com ,Raipur

Comments»

No comments yet — be the first.

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: