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कंटीनुअस एंड कॉम्प्रिहेंसिव इवैल्यूएशन (सीसीई)—सीबीएसई January 22, 2010

Posted by aglakadam in Career News And updates.
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सीबीएसई ने 9वीं क्लास के सभी सब्जेक्ट के क्वेश्चन पेपर फॉर्मैट में बदलाव करने का फैसला किया है। इस साल 9वीं क्लास के
हर पेपर में मल्टीपल चॉइस क्वेश्चन भी शामिल किए जा रहे हैं। बोर्ड का कहना है कि पहले 9वीं क्लास में यह प्रयोग किया जा रहा है। इसके बाद जो फीडबैक मिलेगा, उसके आधार पर 10वीं क्लास में भी इस फॉर्मैट को लागू किया जाएगा।

सीबीएसई के चेयरमैन विनीत जोशी ने बताया कि नैशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (एनसीएफ) ने यह प्रस्ताव किया था कि सेकंडरी क्लासेज में मल्टीपल चॉइस क्वेश्चन शामिल किए जाने चाहिए। सो हर सब्जेक्ट में ये क्वेश्चन आएंगे और इनकी संख्या 10 से 15 पर्सेंट तक रहेगी। मल्टीपल चॉइस क्वेश्चन सिस्टम लागू करने का स्कूल भी समर्थन कर रहे हैं। प्राइवेट स्कूलों की संस्था नैशनल प्रोग्रेसिव स्कूल कॉन्फ्रेंस (एनपीएससी) के वाइस चेयरमैन एल. वी. सहगल का कहना है कि मल्टीपल चॉइस क्वेश्चन अभी तक प्रैक्टिकल एग्जाम में आते थे, अब थ्योरी में भी इसे शामिल किया जाएगा। इस सिस्टम से पूरा सिलेबस कवर करना आसान होगा। वैसे भी प्रतियोगी परीक्षाओं में मल्टीपल चॉइस क्वेश्चन काफी आते हैं। इसलिए स्टूडेंट्स को स्कूल लेवल पर ही ऐसे सवालों को हल करने की ट्रेनिंग मिल जाएगी।
विनीत जोशी का कहना है कि अब छठी से आठवीं क्लास में भी कंटीनुअस एंड कॉम्प्रिहेंसिव इवैल्यूएशन (सीसीई) लागू किया जाएगा। बोर्ड की ओर से जल्द ही इस बारे में सर्कुलर भेजा जाएगा। सीसीई स्कीम में पूरे साल क्लास में स्टूडेंट की परफॉर्मेंस और टर्म एंड एग्जाम के आधार पर पॉइंट ग्रेडिंग सिस्टम तैयार किया गया है। बहुत से स्कूल अब भी 8वीं तक ग्रेडिंग लागू नहीं करते। आने वाले समय में अब 8वीं क्लास तक के स्टूडेंट्स को भी ग्रेड दिए जाएंगे। इस साल 9वीं व 10वीं में ग्रेडिंग लागू कर दी गई है।

सीसीई स्कीम के जरिये 6 से 8वीं क्लास तक के स्टूडेंट्स का असेसमेंट प्रोसेस पूरी तरह से बदल जाएगा। सीसीई स्कीम में एक सेशन में दो टर्म होंगे। हर टर्म में एक समैटिव असेसमेंट (एसए) और दो फॉरमेटिव असेसमेंट (एफए) होंगे। एसए में टर्म एग्जामिनेशन होंगे, जबकि एफए यानी इंटरनल असेसमेंट में क्लासवर्क, होमवर्क, ओरल क्वेश्चन, क्विज, प्रोजेक्ट, असाइनमेंट के आधार पर स्टूडेंट को मार्क्स व ग्रेड मिलेंगे। सीसीई स्कीम में स्पोर्ट्स, स्काउटिंग, स्विमिंग, जिमनास्टिक, योग, फर्स्ट एड, बागवानी जैसी गतिविधियों से भी स्टूडेंट्स का असेसमेंट होगा। उनको इसमें भी ग्रेड मिलेंगे।

बोर्ड के इन प्रयासों से बच्चे का ओवरऑल डिवेलपमेंट हो सकेगा। एग्जाम को लेकर टेंशन भी कम होगी। सीसीई के जरिए स्टूडेंट्स का पूरे साल असेसमेंट होता है और क्लासरूम में स्टूडेंट्स को बेहतर तरीके से पढ़ाया जा सकेगा।

Source —www.cbse.nic.in

By –Varsha Varwandkar ,Career Psychologist ,www.aglakadam.com ,Raipur

Comments»

1. Verma Umesh - January 22, 2010

Good Information, thanks


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