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इस साल कैट के लिए कम कैंडिडेट्स के एप्लिकेशन October 27, 2009

Posted by aglakadam in Career News And updates.
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वित्तीयसुस्ती की मार पड़ने के बाद हर व्यक्ति सोच समझ कर फैसले लेने लगा है। कुछ यही आलम बी-स्कूल में दाखिला लेने वाले छात्रों का
भी है। पिछले साल तक कॉमन एडमिशन टेस्ट (कैट) में शामिल होने वाले छात्रों की कोई कमी नहीं थी, लेकिन इस साल इसका आकर्षण कुछ घट सा गया है। फिलहाल छात्र बी-स्कूल में दाखिला लेने से पहले अर्थव्यवस्था के पटरी पर लौटने का इंतजार कर रहे हैं।

यही वजह है कि इस साल कैट के आवेदनों में पिछले साल की तुलना में 12 फीसदी तक की कमी आई है। पिछले एक दशक में यह पहला मौका है जब कैट के आवेदनों की संख्या में कमी आई है। कैट पास करने के बाद छात्र इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) और 150 दूसरे बी-स्कूलों में दाखिला लेते हैं।
इस साल आईआईएम की कैट समिति ने ऑनलाइन आवेदन की शुरुआत की है। ऑनलाइन आवेदन से मापदंड पर खरे उतरे उम्मीदवारों का ही रजिस्ट्रेशन होता है। कैट समिति ने बताया कि इस साल पहली बार किसी आवेदन को खारिज नहीं किया गया। पिछले साल 2.76 लाख आवेदन आए थे जबकि परीक्षाथिर्यों की संख्या सिर्फ 2.46 लाख थी। वहीं इस साल आवेदनों की संख्या घटकर 2.41 लाख रह गई है। कैट 2009 के संयोजक और आईआईएम-अहमदाबाद के सदस्य सतीश देवधर ने बताया कि वेतन और रोजगार पर मंदी के असर को देखते हुए कई काबिल उम्मीदवार इससे अलग हो सकते हैं।

उन्होंने कहा, ‘हम लोगों ने इस बार ऑनलाइन आवेदन शुरू किया। हमने उम्मीदवारों से निवेदन किया कि वे आईआईएम की वेबसाइट पर जाकर योग्यता की जांच करें, किस प्रोग्राम में रुचि है इसका फैसला करें, तब कैट वाउचर खरीदें। पिछले साल तक पूरी जानकारी नहीं होने की वजह से हजारों आवेदन खारिज होते थे।’

1998 से ही कैट के आवेदकों की संख्या सालाना दहाई अंकों में बढ़ती आ रही है। पिछले साल इसमें 20-25 फीसदी की वृद्धि देखी गई थी। इस साल पहले से काम कर चुके उम्मीदवारों की संख्या बढ़ी है। कैट के लिए आवेदन करने वाले 71 फीसदी उम्मीदवारों के पास छह महीने से ज्यादा काम करने का अनुभव है। आवेदन करने वाले अधिकतर छात्र तकनीकी विषयों से आए हैं, जबकि कुल उम्मीदवारों में महिलाओं की संख्या 26 फीसदी है।

ये आंकड़े आईआईएम की कैट समिति द्वारा आधिकारिक तौर पर मुहैया कराए गए थे। कैट 2009 पंजीकरण रसीद बेचने का अधिकार एक्सिस बैंक को दिया गया था। बैंक ने 2,46,912 रसीद या वाउचर बेचे हैं। पिछले साल तकनीकी क्षेत्र से आने वाले उम्मीदवारों की संख्या सबसे ज्यादा थी। 65 फीसदी आवेदक इंजीनियरिंग या आर्किटेक्चर क्षेत्र से थे। कॉमर्स, इकनॉमिक्स और मैनेजमेंट से 23 फीसदी आवेदक थे जबकि शेष कला और विज्ञान से थे। —-वर्षा वरवँड़कर,अगला कदम . कॉम,रायपुर
Sourced–ET ,21st oct 2009

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