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आभार”एक महान दृष्टिकोण” October 30, 2009

Posted by aglakadam in parenting.
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३०-१०-२००९ ,रायपुर
क्या अपने बच्चो को आपने किसी भी वस्तु ,काम , लोगो के प्रति आभार व्यक्त करना सिखाया है ?कहा जाता है आभार, “एक महान दृष्टिकोण बनाता है!” जब आप अपने बच्चों के साथ रात का खाना खा रहे हैं,तो आप उन को बताइए की उनका आज का दिन कितना अच्छा रहा ,और उसे अच्छा बनाने में किन किन लोगो का योगदान रहा ,फिर चाहे वो व्यक्ति उनका बॉस रहा हो ,जिसने उन्हें प्रमोशन की खबर बताई या फिर वो छोटू चाए वाला ,जिसने सही समय पर आपको लेमन टी पिलाई ,जिसके कारण आप annual मीटिंग में इतना अच्छा प्रदर्शन कर पाए और प्रमोशन आपको मिल गया .

.बरसो से क्रम चला आ रहा था की दिवाली की पहली गिफ्ट हमारे दूधवाले भैया,धोबी भैया ,जमादार भैया ,गार्ड भैया ,और बरसो पुरानी रुकमनी दीदी ,हमारे मोहन भैया ,शंकर भैया को दी जाती है,शायद इसके प्रति आभार व्यक्त करने की परम्परा रही है हमारी .हमे तो पता ही नहीं चला की कब बच्चो ने इसे आत्मसात कर लिया

बात धनतेरस के दिन की है ,देखा तो रिमझिम और फुहार दोनों ही सुबह सुबह अभंग स्नान कर के, दिया जला कर ,सामने रंगोली सजा कर गिफ्ट के पैकेट ले कर दूधवाले भैया का इंतजार कर रहे है,पूछने पर बोले की साल भर भैया, हमे इतना अच्छा गाय का दूध ला कर देते है, जिससे हमारी बुद्धि इतनी अच्छी चलती है .
ऐसा आप ही तो कहती हो न ?
और मुझे उस वकत एहसास हुआ की ,हाँ मेरी बताई बाते बेकार नहीं गयी और सबसे बड़ी बात वो गिफ्ट लेते और देते वकत बच्चो के चेहरे पर जो ख़ुशी थी और दूध वाले भैया की पनीली आँखों पर जो संतोष और आशीर्वाद था ,वो न जाने कभी भी बड़ी बड़ी कारपोरेट गिफ्ट्स लेते देते वकत मुझे कभी नजर ही नहीं आया ?
वर्षा वरवँड़कर,अगला कदम . कॉम,रायपुर

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